प्रशिक्षुओं ने सीखी कला की बारीकियों से पढ़ाने का हुनर
Phuldeo Patel
मुजफ्फरपुर। (6 मार्च) को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रामबाग मुजफ्फरपुर में 6 दिवसीय कला समेकित शिक्षा संवर्धन कार्यशाला का समापन हुआ। इस 6 दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य डायट के प्रशिक्षुओं को बच्चों के सिखाने-सीखने में कला का प्रयोग कैसे किया जा सकता है इसकी बारीकियों से परिचय कराना और कुशलता उत्पन्न करना था। इस कार्यशाला में कला के विविध विधाओं को सीखने में कैसे प्रयोग लाया जा सकता है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षुओं ने थिएटर इन एजुकेशन , टीचर इन रोल, कॉप्स इन हेड्स, विषय वस्तु आधारित नाटक, कहानी शिक्षण विधि, चित्रकारी, कठपुतली, मॉडल निर्माण आदि विभिन्न रोचक विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षुओं ने जाना और विभिन्न गतिविधियों से यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार से विद्यालय के बच्चों को विभिन्न विषयों का अध्यापन रोचक तरीके से किया जाना चाहिए। कार्यशाला के अंत में सभी प्रशिक्षुओं ने कला समेकित शिक्षा पर आधारित एक एक सीखने की योजना बनाई और उसका प्रस्तुतीकरण किया। इन प्रस्तुतियों पर संस्थान के व्याख्याताओं द्वारा प्रतिपुष्टि दी गई। आज की कार्यशाला में मुख्य साधन सेवी के रूप में एचपीपीआइ के श्री अभिषेक देव, डायट बक्सर के व्याख्याता श्री अजीत कुमार, तथा प्रथम वा द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु सम्मिलित थे साथ ही डायट की प्राचार्या श्रीमती अनामिका कुमारी, वरीय व्याख्याता डा सरिता शर्मा, डा श्वेता सोनाली, श्रीमती अपर्णा, सुश्री रश्मि, श्रीमती मीरा, श्रीमती रोली, डा निर्मल कुमार, श्री पंकज, श्री अर्जुन गिरी, श्री राकेश कुमार व श्री गोपाल फलक, सुनील कुमार उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन डा संतोष राणा ने किया।

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