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बेहतर कार्य योजना एवं जागरुकता से चमकी की थमी रफ्तार


 ✔स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आदेश पर हुआ 2815 आशा का वर्चुअल प्रशिक्षण
✔टैग वाहन और जागरुकता से मामलों में आयी कमी

सीतामढ़ी।24 जून 

A.Rahman

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय द्वारा चमकी पर किए गए प्रयासों का असर पिछले दो सालों से दिख रहा है। जिससे सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों में भी एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम की रफ्तार धीमी पड़ गयी है। हांलाकि विगत दोनो ही वर्षों में कोरोना संक्रमण ने एईएस की रोकथाम के सामने कई चुनौतियां पेश की है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्ययोजना एवं नई पहल की बदौलत एईएस पर प्रभावी रोकथाम में सफलता मिली है। एईएस पीड़ितों को 1100 टैग वाहन और मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क परिवहन योजना जैसी नई पहल के कारण भी एईएस पीड़ितों की संख्या में भारी कमी आयी है। 

प्रत्येक पीएचसी में उपचार बना मील का पत्थर

जिला वीभीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आदेश पर हर पीएचसी/सीएचसी में चमकी वार्ड, उपकरण तथा दवाईंयों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इस बीमारी में उपचार नहीं होने से मृत्यु की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, मरीजों से उनके क्षेत्र में प्राइवेट वाहनों की टैगिंग भी की गयी है। एईएस की इस लड़ाई में आशा, एएनएम तथा आईसीडीएस ने भी अपनी महती भूमिका निभायी है। 

रफ्तार रोकने में मिली सफलता

चमकी के अगर हम एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि साल दर साल चमकी के केस और मृत्यु दर में काफी कमी आयी है। जिसका सारा श्रेय जागरुकता और चमकी पर प्रचार प्रसार पर जाता है। अगर भौगौलिक क्षेत्र की बात करें तो जिले के बैरगनिया, सोनबरसा, परिहार, रीगा, डुमरा, बेलसंड, रुन्नी सैदपुर, सुरसंड, बाजीपट्टी, नानपुर, बथनाहा प्रखंड चमकी से अतिप्रभावित क्षेत्र में आते हैं। 2021 में यह भौगोलिक एरिया सिमट कर परिहार, रुन्नी सैदपुर, बाजपट्टी, नानपुर और बथनाहा तक ही सिमट कर रह गयी है। 

कोरोना काल में वर्चुअल मीटिंग ने दिखायी राह 

डॉ रविन्द्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय  ने हाल में ही कोरोना काल में आशा, एएनएम को वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से प्रशिक्षण तथा उन्मुखीकरण की बात कही थी। जिसे वृहत स्तर पर डुमरा में किया गया। जिसमें 2815 आशा को प्रशिक्षण दिया गया था।  वहीं चमकी को धमकी देने के लिए 1100 जागरुकता वाहन भी रवाना किए गए थे। 

चमकी के पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर 

वर्ष      केस   मृत्यु

2012     62     30

2013     15     06

2014     46     20

2015     05     03

2016     04     00

2017     19     05

2018     15     08

2019     41    19

2020     11     02

2021     05     01(22.06.21 तक )




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