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डर और अफवाहों को पीछे छोड़ अब्दुल हई ने परिवार को कराया कोविड टीकाकरण

कोविड टीकाकरण को लेकर लोगों  में जागरूकता बढ़ रही है। गया और भागलपुर की जनता पत्र- पत्रिका के माध्यम से टीकाकरण के लिए आगे  आ रही हैं।  आइए,  जानते हैं लोगों की कहानी उनकी जुबानी----

इनकी पहल की लोगों ने की प्रशंसा, हुए प्रेरित और टीकाकरण के लिए बढ़ने लगे आगे

बिहार, गया।  घर के बरामदे में अपने पोते के साथ खेल रहे 55 वर्षीय अब्दूल हई के चेहरे पर एक निश्चिंतता का भाव है. कोविड संक्रमण काल में उनकी इस निश्चिंतता की बड़ी वजह कोविड टीकाकरण है. उन्होंने अपने परिवार के सभी व्यस्कों का शत प्रतिशत टीकाकरण करा कर उन्हें सुरक्षित रखने का काम किया है. टीकाकरण करा कर यह परिवार कोविड 19 को हराने में जुटा है. परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखना अब्दूल हई को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। 


कोविड टीकाकरण के बारे में ली सही जानकारी ले बदली सोच:

जिला के आमस प्रखंड के हमजापुर गांव निवासी अब्दूल हई बताते हैं कि रोजाना खबरों की मदद से संक्रमण के हालात पर नजर बनाये रखा था और  परिवार के सभी सदस्यों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी थी।  इसके बाद  संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण की जानकारी भी मिली.  शुरूआती समय में टीकाकरण को लेकर लोग डरे हुए थे।  टीकाकरण के विषय में पूरी जानकारी थी और लोग टीकाकरण के पक्ष में नहीं थे।  कई भ्रांतियों व अफवाहें भी थीं।  लेकिन उनकी सोच सबसे अलग थी। 

उनका मानना था स्वास्थ्य विभाग व सरकार बीमारी से बचाव के लिए ही टीकाकरण की जरूरत पर बल दे रही है. लोगों को टीकाकरण मुहैया करा कर उन्हें सुरक्षित रखने का काम किया जा रहा है. वह बताते हैं कि खाड़ी देश में नौकरी कर रहे उनके पुत्र मोहम्मद वारिस द्वारा हमेशा फोन पर टीकाकरण की बाबत सही जानकारी मिलती रही और टीकाकरण कराने की सलाह भी दी गयी। 

इससे पूरे परिवार में टीकाकरण के प्रति और अधिक विश्वास बना. इस बीच  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दौरा गांव में होता रहा और उनसे भी टीकाकरण पर बातचीत की गयी. इसके बाद यहां टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया और टीकाकरण कराने वालों में उनका परिवार सबसे आगे रहा. परिवार की इस पहल के बाद पास पड़ोस के लोगों ने भी अपना टीकाकरण कराना शुरू किया.

टीकाकरण शिविर आयोजन में लोगों की करते हैं मदद:

कोविड टीकाकरण शिविर के दौरान अब्दूल हई ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों को आवश्यक मदद भी मुहैया कराया. लोगों को रजिस्ट्रेशन और आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने की जानकारी देकर टीकाकरण टीम की मदद की. उनका मानना है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग आमजन को सुरक्षित रखने का हरसंभव प्रयास कर रही और इसमें लोगों की सहभागिता के साथ ही संक्रमण काल के दौर से उबरा जा सकता है।

 

अखबारों में पढ़ा तो पता चला कोरोना का टीका लेना है कितना जरूरी

खुद तो टीका लिया ही, अब लोगों को भी कर रहे हैं जागरूक

खरीक प्रखंड के युवा समझा रहे हैं टीकाकरण के महत्व

भागलपुर।  कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में तमाम तरह के जागरूकता अभियान चल रहे हैं। जांच और इलाज के साथ अभी टीकाकरण अभियान जिले में काफी तेज गति से चल रहा है। टीका लेने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम तो लोगों को जागरूक कर ही रही है, साथ में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और युवा वर्ग के लोग भी टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसमें अखबारों का प्रभाव भी सराहनीय रहा है। खरीक प्रखंड के कुछ युवा अखबारों में ही खबर पढ़कर टीका के महत्व को समझा। इसके बाद उनलोगों ने न सिर्फ खुद टीका लिया, बल्कि अब दूसरे लोगों के भी टीका लेने के लिए जागरूक किया।


खरीक बाजार के पूर्वी घरारी के रहने वाले किशोर कुमार पंडित कहते हैं कि जब टीकाकरण की शुरुआत हुई थी तो उनलोगों में टीका के प्रति भय था। डर लग रहा था कि टीका लेने के बाद पता नहीं क्या साइड इफेक्ट हो जाएगा। कोरोना होगा या नहीं होगा, यह तो बाद की बात है, लेकिन इससे बचने के लिए टीका लेकर न जाने कौन-सी आफत आ जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार टीकाकरण के लिए आ रही थी, लेकिन हमलोग टीका लेने से बच रह थे। इसी दौरान अखबारों में टीका के प्रति लगातार खबरें पढ़ने को मिलीं। जब टीकाकरण से जुड़ी कई खबरों को पढ़ा तो इसका महत्व समझ पाया। इस बात का अहसास हो गया कि कोरोना से बचने के लिए टीका लेना कितना जरूरी है।

इसके बाद मैंने तो टीका लिया ही, अब लोगों को भी टीका लेने के लिए समझा रहा हूं। इसका असर भी पड़ रहा है। मेरे कहने पर भी कई लोगों ने कोरोना का टीका लिया है।
पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर तो भागने लगते थेः खरीक बाजार के ही अरुण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का तो काम ही यही है, लेकिन जब अखबारों में टीकाकरण से जुड़ी जानकारी मिली तो इसके महत्व को समझा। उन्होंने तत्काल जाकर कोरोना का टीका लिया। अब लोगों को टीकाकरण के फायदे बता रहे  हैं । अब तक  उन्होंने  10 लोगों को जागरूक कर कोरोना का टीका दिलवाया  है। 


मिरजाफरी पंचायत के मोहित कुमार कहते हैं कि यदि अखबारों में सिलसिलेवार तरीके से कोरोना टीका के महत्व के बारे में खबरें नहीं छपतीं तो उन्होंने अभी तक टीका नहीं लिया होता। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी भी काफी सहयोगात्मक रवैया रखते हैं। उनलोगों ने भी टीका के फायदे के बारे में बताया, तब जाकर टीका ले सका। मिरजाफरी के ही रमीज राजा ने बताया कि शुरुआत में हमलोगों को भरोसा नहीं हो पा रहा था।  उनकी  पंचायत में तो लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर भागने लगते थे, लेकिन जब अखबारों में लगातार लोगों के टीका लेने के बारे में पढ़ा तो धीरे-धीरे लोगों में भरोसा हो गया। अब न सिर्फ मैं, बल्कि मेरी पंचायत के अधिकतर लोग टीका ले चुके हैं। और वे लोग दूसरे लोगों को टीका लेने के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।

अखबारों में खबरें छपने से लोगों में सकारात्मक असर पड़ाः खरीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मैनेजर मधुकांत झा कहते हैं कि निश्चित तौर पर अखबारों में टीकाकरण के प्रति खबरें छपने के बाद लोगों पर बहुत ही सकारात्मक असर पड़ा। पहले लोगों में भय था कि पात नहीं टीका लेने के बाद क्या हो जाएगा। क्षेत्र के कई लोग नपुंसकता और महिलाएं बांझपन की बात कह रही थी। हमलोग तो उन्हें समझा ही रहे थे, लेकिन जब अखबारों में खबरें छपीं तो उन्हें भरोसा हो गया कि टीका लेने के बाद ही हमलोग कोरोना से सुरक्षित हो पाएंगे। 

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