मुजफ्फरपुर के रहने वाले 22 वर्षीय युवा सिद्धांत सारंग 10 अक्टूबर से इस्तांबुल में होने वाले ग्लोबल युथ समिट 2022 में भारत का प्रतिधिनित्व करेंगे। लम्बे समय से पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर काम कर रहे सिद्धांत ने दिल्ली विश्विद्यालय के सत्यवती कॉलेज में इतिहास विभाग में स्नातक की पढ़ाई की है। इस्तांबुल में होने वाले इस समिट का आयोजन अमेरिका की संस्था 'कैंपेन फॉर टोबैको फ्री किड्स' ने आयोजित किया है, जिसमें दुनिया के कई देशों के युवाओं को चुना गया है जो कि तम्बाकू नियंत्रण की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। भारत से दो युवाओं का चयन हुआ है जिसमे सिद्धांत भी शामिल हैं।
10 से 14 अक्टूबर तक तुर्की देश के इस्तांबुल शहर में चलने वाले इस समिट में सभी युवाओं को तम्बाकू नियंत्रण के विभिन्न पहलु, नीति-नियम, और और कार्यान्वयन की ट्रेनिंग दी जाएगी। सिद्धांत ने कहा कि वह करीब एक साल से दिल्ली की संस्था कंस्यूमर वॉइस के साथ तम्बाकू नियंत्रण पर काम कर रहे हैं। देश के कोटपा कानून में विभिन्न जरुरी बदलाव को लेकर। बच्चों को तम्बाकू के नशे से दूर रखने के लिए सारे प्रयास किये जा रहे हैं। सिद्धांत इस सम्मेलन में भारत का पक्ष रखेंगे।
सिद्धांत को 2019 में ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उन्होंने लंदन में हुए वन यंग वर्ल्ड समिट में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत का प्रतिधिनित्व 2019 में किया था। उन्होंने शहर से ही अपनी स्कूलिंग की है, जिसके बाद वह दिल्ली यूनिवर्सिटी स्नातक के लिए चले गए थे। सिद्धांत डीएवी मालीघाट से दसवीं और प्रीमियर एकेडमी, ओरिएंटल क्लब से बारहवीं पास किया था। उनका जन्म वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के कालापहाड़ गांव में हुआ था। इनके माता-पिता शिक्षक हैं।

0 टिप्पणियाँ