लखनऊ। Health Education के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ 12 नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज करेंगे अन्य महाविद्यालय का मार्गदर्शन। 12 सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों को अन्य कॉलेजों का मेंटर बनाया गया है। गुणवत्तापरक शिक्षा देने और बेहतर प्लेसमेंट दिलाने के लिए इन कॉलेजों के जरिए बेहतर कार्यों को दूसरे कॉलेजों में भी लागू कराया जाएगा। अन्य कॉलेजों के लिए मेंटर की भूमिका निभाने वाले इन कॉलेजों का सेलेक्शन कर लिया गया है।
सीएम का (Health)मेडिकल एजुकेशन पर फोकस
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए शीघ्र मिशन निरामया: आरम्भ किया जाएगा।
- इसका लक्ष्य Health Education की गुणवत्ता में सुधार और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। मेंटरशिप के लिए चुने गए 12 कॉलेजों का चयन किया गया है।
- गोरखपुर के जीएसजी कॉलेज आफ नर्सिंग, एलएलआरएम मेडिकल कालेज, मेरठ की सुभारती विश्यविद्यालय व आइआइएमटी विश्यविद्यालय की नर्सिंग फैकल्टी, गौतमबुद्ध नगर के नाइटेंगिल इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग व शारदा विश्यविद्यालय की नर्सिंग फैकल्टी, लखनऊ के बाबा हास्पिटल के स्कूल आफ नर्सिंग व इटावा की उप्र विश्यविद्यालय आफ मेडिकल साइंसेज की नर्सिंग फैकल्टी, जीवीएसएम मेडिकल कालेज के नर्सिंग कालेज, हिलेरी क्लिंटन स्कूल आफ नर्सिंग सहारनपुर और गोंडा व बरेली का नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं।
मानक की अनदेखी करने वाले नर्सिंग व पैरामेडिकल कालेजों पर लगेगा ताला
नर्सिंग व पैरामेडिकल कालेजों द्वारा पढ़ाई व प्लेसमेंट के लिए जो भी अच्छे कदम व नव प्रयोग किए जा रहे हैं, वह दूसरे नर्सिंग कालेजों में भी लागू कराए जाएंगे। नवंबर 2022 से लेकर फरवरी 2023 तक क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया (QSI) द्वारा 900 नर्सिंग व पैरामेडिकल कालेजों की रेटिंग कराई जाएगी। बिना संसाधन व फैकल्टी के चल रहे नर्सिंग व पैरामेडिकल कालेजों पर लगेगा ताला।
source : जागरण

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