आजीविका और उद्यम विकास कार्यक्रम सम्पन्न
विकास मेश्राम
राजस्थान। वाग्धारा संस्था व नाबार्ड के सहयोग बीज संरक्षण को लेकर दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम आंनदपुरी विकासखंड के टामटिया ग्राम के अटल सेवा केन्द्र मे किया गया. वाग्धारा संस्था ने आनंदपुरी मे तीन कार्यक्रमों के माध्यम से 160 से अधिक स्वयं-सहायता समूह की महिलाओ को समुदाय स्तर पर बीज संरक्षण, बीज प्रबंधन के गुर सिखाये गए। अब यह महिलाये गांव और कस्बे मे परंपरागत बीजों का संरक्षण और सवर्धन कर बीज व्यवसाय करेंगी। समापन के अवसर पर नाबार्ड के जिला प्रबंधक विश्राम मीणा और अग्रणी बैंक प्रबंधक हेमेंद्र जयसवाल उपस्थित थे।
नाबार्ड के जिला प्रबंधक विश्राम मीणा ने कहा कि आजीविका विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण महिलाएं प्रशिक्षण लेकर स्वयं को स्वावलंबी बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर पाती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में हुनर की कोई कमी नहीं है लेकिन सही मार्गदर्शन न होने के कारण हुनर दबकर रह जाता है। उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के भीतर छिपे कौशल को विकसित कर आत्मविश्वास का संचार करना है, ताकि उन्हें उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में उन्मुख किया जा सके। और हमारे देशी बीजों को और खेती और बीज प्रबंधन की जरूरत पर बताया और नाबार्ड सतत ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों से अवगत कराया। वहीं , अग्रणी बैंक प्रबंधक हेमेंद्र जायसवाल ने महिलाओं की प्रतिभा और भविष्य में जैविक कृषि में व्यापारिक अवसर एवं समूह के लिए योजना के बारे में जानकारी दी।
वाग्धारा संस्था के कृषि विशेषज्ञ पी एल पटेल ने संस्था द्वारा जनजातीय अँचल में विभिन्न प्रयास एवं कार्य के बारे में बताया और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आगामी वर्ष मिलेट मोटा अनाज और उनके स्वास्थ्य के लिए षोषण की आवश्यकता से अवगत कराया। आगे उन्होंने कहा कि बाजारीकरण से हमारी पारंपरिक बीज पद्धति विलुप्त हो रही हैं उसको बचाने और बाजारी पर से निर्भरता को कम करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। बीज के लिए अनाज के प्रयोग में अंतर, बीज उद्योग का ढांचा, बीज का महत्त्व की जानकारी दी। सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी और बीज व्यवसाय प्रारम्भ करने हेतु शुभकामनायें दी।
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इस अवसर पर भ्रष्टाचार मुक्त भारत विकसित भारत हेतु सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत उपस्थित प्रशिक्षणर्थियों को भ्रष्टाचार दिखाई देने पर शिकायत करने और खुद भी भ्रष्टाचार नहीं करने के लिए शपथ दिलाई गई। इस मौके पर वाग्धारा संस्था के कृषि विशेषज्ञ पी एल पटेल एवं प्रशांत थोरेट एवं सभी टीम के सदस्य उपस्थित थे। प्रशिक्षण में रमिला देवी, समूह सखी ऊषा ,मनीदेवी ,सीता देवी, शारदा डामोर, गीता , कुकुदेवी,कालादेवी ,लक्ष्मी धनुडी,शांतादेवी कालादेवी सहित स्वयं समूहों से जुड़ी हुई 160 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। सहजकर्ता सुरेश पटेल, कांता डामोर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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