राजस्थान। आनंदपुरी 5 दिसंबर, संपूर्ण विश्व में कृषि एवं खाद्य पर्यावरण जागृति लाने तथा कृषि में सुधार के लिए कई प्रयास हो रहे हैं। इसी संदर्भ में वागधारा गठित जनजातीय स्वराज सगठन मॉडल आनंदपुरी छाजा , सक्षम महिला समूह, बालपंचायत , हर गाव में स्थापित ग्राम विकास एवं बाल अधिकार समिति के लगभग सौ गावों के ग्रामीणों ने विश्व मृदा दिवस पर मिट्टी पूजन एवं आरती कर मनाया। विश्व मृदा दिवस पर किसानों ने लिया संकल्प वन्डा ग्राम के जनजातीय स्वराज संगठन मॉडल आनंदपुरी के सदस्य हरदार कटारा महाराज के करकमलो द्वारा अटल सेवा केन्द्र में मिट्टी पूजन किया गया।
वागधारा संस्था के क्षेत्रीय सहजकर्ता विकास मेश्राम ने कहा कि हर वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में मिट्टी की उपयोगिता के प्रति जागरूक करना है। मिट्टी हमारे जीवन के लिए बहुत ही अहम है। मृदा के संरक्षण के लिए किसानों को शाश्वत जैविक खेती को अपनाकर आत्म विश्लेषण करते हुए मृदा स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। जब मिट्टी स्वस्थ रहेगी तो उसमें उगने वाले सभी खाद्यान्न पौष्टिक होंगे।भारत कृषि प्रधान देश है। भारत की धरणी अध्यात्म की धरणी है और यहां की हवा पानी में अध्यात्म की खुशबू मिली हुई है। इस अनन्त सृष्टि में आत्मा, परमात्मा तथा प्रकृति का संबंध बहुत ही महत्वपूर्ण है।
वन्डा ग्राम विकास एवं बाल अधिकार समिति के सदस्य वलमा कटारा ने कहा कि आज अगर हम अपनी उपजाऊ जमीन की गुणवत्ता बढ़ा लेते हैं और बंजर जमीन को उपजाऊ बना लेते हैं, तो यह एक बहुत बड़ा भोजन उपलब्ध कराने का ना केवल माध्यम बनेगा बल्कि धरती पर भोजन के अभाव में लोग भूखे नहीं सोएंगे ।आज किसानों के साथ हम सभी नागरिकों को भी अपने आसपास की मिट्टी को पॉलिथीन ,प्लास्टर ऑफ पेरिस ,आदि अनेक ऐसे तत्वों से बचाना चाहिए। किसान खुशहाल तो देश खुशहाल रहेगा। अतः मिट्टी का ख़्याल रखें। हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सहजकर्ता सुरेश पटेल ,कांता डामोर, भुरालाल पारगी, ललिता मकवाना, कैलास निनामा, उषा निनामा, ग्रामविकास बाल अधिकार समिति के अध्यक्ष सागरमल पारगी, रमेश कटारा, मोहन नारजी, दिनेश कटारा, सक्षम समूह महिला भुरी, पुजी, राधा, बाबरी ,मजुला, सरपंच पाटनवाघरा नंदादेवी पारगी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




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