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चरखा संस्था की पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला संपन्न


मुजफ्फरपुर। दिल्ली स्थित चरखा डेवलपमेंट कम्युनिकेशन नेटवर्क के तत्वावधान में मझौलिया निर्देश संस्थान मेंआयोजित पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला संपन्न हुई ।कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं और किशोरियों को आलेख लिखने के बारे में अवगत कराना तथा उसके लिखने के जरूरी जानकारी प्रदान करना है, जिससे कि वह अपने भौगोलिक और सामाजिक परिप्रेक्ष की घटनाओं और प्रथाओं को आलेख के माध्यम से मुख्यधारा की मीडिया में उजागर कर सकें। इसके साथ ही उन्हें महिलाओं से जुड़े सामाजिक रूढ़ियों और प्रथाओं तथा अधिकारों के विषय से भी अवगत कराया गया। 

चरखा संस्था की पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला संपन्न

इस कार्यशाला में मुजफ्फरपुर के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों जैसे औराई, गायघाट, पारू और साहेबगंज इत्यादि से 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया है। कार्यशाला में मुख्यतः किशोरियों एवं महिलाओं की भागीदारी रही। पांच दिन के इस कार्यशाला का संचालन चरखा संस्थान के टीम जिसमें शम्स तमन्ना (सलाहकार संपादक) और आयुष्य सिंह (प्रोजेक्ट एसोसिएट) ने किया। टीम द्वारा पूर्व में किए गए फील्ड विजिट के आधार पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर अलग अलग दिनों में सेक्स और जेंडर में अंतर, लैंगिक समाजीकरण, लैंगिक रूढ़िवाद और भेदभाव पर चर्चा की गयी । भिन्न प्रकार के गतिविधियों और वीडियो के माध्यम प्रतिभागियों के सम्मुख लैंगिक हिंसा, जाति समस्या, दिव्यांगता इत्यादि जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत की गई। 

चरखा संस्था की पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला संपन्न

इस कार्यशाला में ट्रेनिंग के तौर पर मुसहरी ब्लॉक के रजवाड़ा भगवान गांव में एक दिवसीय फील्ड वर्क का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी गांव में जाकर वहां के निवासियों से उनकी समस्याओं पर भी बात की। इसके तहत टीम ने गांव के मुखिया से भी बातचीत की तथा जनता के सवालों और समस्याओं को उनके सम्मुख रखा। 

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कार्यशाला को सफल बनाने में अमृतांज इंदीवर, फूलदेव पटेल तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता संतोष सारंग ने अहम भूमिका निभाई।  इन्होंने ना सिर्फ प्रतिभागियों से अपने दीर्घकालिक अनुभव शेयर किया, बल्कि आलेख के जटिल और जरूरी पक्षों से भी अवगत कराया। 

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इस कार्यशाला की प्रतिभागियों को आलेख लेखन के लिए तैयार करने के साथ ही, उन्हें एक सजग, और सशक्त नागरिक बनाने के उद्देश्य से किया गया। ग्रामीण और आंचलिक क्षेत्रों की खबर आज, या तो मुख्यधारा के समाचारओं से पूर्णतः गायब है अन्यथा केवल किन्हीं विशेष परिस्थितियों में ही उनके बारे में बात की जाती है। चरखा संस्थान का उद्देश्य ऐसे ही क्षेत्रों के लोगों, विशेषतः महिलाओं को स्वयं नागरिक पत्रकार के रूप में ट्रेन करना है, जिससे वो अपने समाज की खबरों पर खुद आवाज उठा सकें।

 

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ट्रेनिंग के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने अपने विषय, और फील्ड से जुड़े मुद्दों पर आलेख लिखे, जिसे चरखा, अपने त्रि-भाषीय फीचर सर्विस के माध्यम से देश के अलग-अलग हिंदी, उर्दू, एवं अंग्रेजी के समाचारपत्रों और ऑनलाइन समाचार पोर्टल पर प्रकाशित भी करवाएगा।

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इस मौके पर साहेबगंज, पारू, औराई एवं मड़वन प्रखंड की लगभग दो दर्जन प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया है। प्रतिभागियों में सपना कुमारी, वंदना कुमारी, रिंकु कुमारी, प्रियंका कुमारी, गुड़िया कुमारी, सिमरन कुमारी, साक्षी कुमारी, रिमझिम, शिल्पा, अमृत राज, फूलदेव पटेल, अंजली भारती, ममता देवी, कल्पना, रेखा आदि प्रमुख थे।

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