एसयुसीआई के संयोजक लालबाबू सहनी ने बच्चों को सुभाषचंद्र बोस के जीवन की संघर्षमयी कहानी विस्तार पूर्वक सुनाई
रिपोर्ट
फूलदेव पटेल
बिहार, मुजफ्फरपुर। पारु प्रखण्ड अन्तर्गत चांदकेवारी (एआईएम) AIM कोचिंग संस्थान में आजादी आंदोलन के महानायक देशभक्त सुभाषचंद्र बोस की 126 वीं जंयती मनाई गई। इस कार्यक्रम में एसयुसीआई के प्रखण्ड संयोजक लालबाबू सहनी और सुरेश दास ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस को मल्यार्पण किया। साथ में कोचिंग के छात्र- छात्राओं ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित किया। एसयुसीआई के संयोजक लालबाबू सहनी ने बच्चों को सुभाषचंद्र बोस के जीवन की संघर्षमयी कहानी विस्तार पूर्वक सुनाई। नेताजी का बचपन में पढ़ने की रुचि से लेकर अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने पर लाखों-लाख नौजवानों ने उनके साथ खड़े होकर एक सुर से विरोध करते थे। नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 ई में हुआ था। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोनेलाल प्रसाद ने किया उन्होंने कुछ पंक्ति प्रस्तुत किया- " पूर्ण नहीं है यह आजादी जिसका दर्शन पाया! राम राज्य है, अभी कहा जो बापू ने दिखलाया था! कल्पित सपना बाबू जी का सच्चा कर दिखलाना! अमर संदेशा बापू जी का बच्चो भूल न जाना।
उन्होंने अग्रेजी हुकूमत को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए आजाद हिन्द फौज का गठन किया था। इस प्रकार सुरेश दास ने बताया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी के जीवन की एक एक घटना बच्चे, नौजवानों एवं वयोवृद्धों को एक कतार में खड़ा करने के लिए वचनबद्ध है। आज भी सुभाषचंद्र बोस की सोच वाली सरकार नहीं है, नेताजी चाहते थे पहले देश की आज़ादी मिले फिर देश में समराज्य यानी सभी को एक समान रूप से आजादी मिले।
कोचिंग के शिक्षक राजकिशोर राम ने कहा कि आजादी के पहले भी देश में बेरोजगारी, शिक्षा की कमी थी और आज भी देश में बेरोजगारी व शिक्षा की कमी है। शिक्षक रामप्रवेश यादव ने कहा कि जिस तरह आजादी के पहले छुआछुत एवं भेदभाव था वह आज भी देश में कायम है। इसी आजादी के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने बताया था कि पहले देश आजाद हो फिर देश में समानता कायम हो।
इस कार्यक्रम में संजय कुमार दास सोनू कुमार, अंश कुमार, रंजीत कुमार नीतेश कुमार, दीपक कुमार, रोहन कुमार, संदीप कुमार, रितेश कुमार, सोहैल आलम, हुसैन, अंजली कुमारी, रौशनी कुमारी, गुड़िया कुमारी पूजा कुमारी, सहिना खातुन, चांदनी कुमारी, छोटी कुमारी, रिमझिम कुमारी, निशा कुमारी, आरती कुमारी, अर्चना कुमारी के साथ अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक ओम प्रकाश ने किया।



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