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परिहार प्रखंड में बिहार के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती मनी

दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा.
सौ में नब्बे शोषित है, नब्बे भाग हमारा है।
धन-धरती और राजपाट में, नब्बे भाग हमारा है॥
-जगदेव प्रसाद

रिपोर्ट 

फूलदेव पटेल 

मुजफ्फरपुर।  (2 फरवरी) को सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के बाया ग्राम में बिहार के लेनिन के नाम से चर्चित बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष अशेश्वर राय ने मनाई।  जिसमें बाया ग्राम के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तेज नारायण सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक, रामगोपाल सिंह, भुनेश्वर सिंह सोनू कुमार, सुनील कुमार, जयनाथ राय, हरिश्चंद्र सिंह (उप मुखिया) ने भाग लिया। अशेश्वर  राय बाबू जगदेव प्रसाद  की  जीवनी एंव संघर्ष केबारे में जानकारी दी। 

परिहार प्रखंड में बिहार के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती मनी

जगदेव बाबू एक महान राजनीतिक दूरदर्शी थे।  वे हमेशा शोषित समाज की भलाई के बारे में सोचा और इसके लिए उन्होंने पार्टी तथा विचारधारा किसी को महत्त्व नहीं दिया। मार्च 1970 में जगदेव बाबू के दल के समर्थन से दरोगा प्रसाद राय मुख्यमंत्री बने। 

परिहार प्रखंड में बिहार के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती मनी

बिहार में राजनीति का प्रजातंत्रीकरण को स्थाई रूप देने के लिए उन्होंने सामाजिक-सांस्कृतिक क्रान्ति की आवश्यकता महसूस किया। वे रामस्वरूप वर्मा द्वारा स्थापित 'अर्जक संघ' (स्थापना 1 जून, 1968) में शामिल हुए। 7 अगस्त 1972 को शोषित दल तथा रामस्वरूप वर्मा जी की पार्टी 'समाज दल' का एकीकरण हुआ और 'शोषित समाज दल' नमक नयी पार्टी का गठन किया गया। एक दार्शनिक तथा एक क्रांतिकारी के संगम से पार्टी में नयी ऊर्जा का संचार हुआ। जगदेव बाबू पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जगह-जगह तूफानी दौरा आरम्भ किया। वे नए-नए तथा जनवादी नारे गढ़ने में निपुण थे।  सभाओं में जगदेव बाबू के भाषण बहुत ही प्रभावशाली होते थे।

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