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मालीघाट में संत रविदास जयंती पखवाड़ा मनाया गया

 ऐसा चाहूं राज मैं जहां मिलै सबन को अन्न.
छोट बड़ों सब सम बसै रविदास रहें प्रसन्न

रिपोर्ट 

फूलदेव पटेल 

मुजफ्फरपुर। (7.फरवरी) को सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा मालीघाट में संरक्षक सेवादार अविनाश कुमार की अध्यक्षता में संत रविदास जयंती पखवाड़ा मनाया गया। अध्यक्षीय संबोधन में अविनाश कुमार ने बताया कि संत रविदास संत कबीर के समकालीन भक्त कवि और मीराबाई के आध्यात्मिक गुरु थे। दलित परिवार से आए रविदास ने 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' का उद्घोष कर जातिगत श्रेष्ठता की जगह आंतरिक पवित्रता, निर्मलता और मानवीय करुणा का मंत्र दिया। भक्ति और सामाजिक बराबरी का अलख जगाते उनके पद हमारे साहित्य के अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने रहस्यमय, कठिन और जटिल दार्शनिक रहस्यों को बोलचाल की सरल भाषा में समझा कर अशिक्षित, अर्धशिक्षित और समाज की मुख्य धारा से कटे लोगों के लिए भक्ति और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। 

सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि हमारे चरित्र से लेकर सर्वांगीण विकास में हमारे पूर्वज हैं। पूर्वजों की आत्मा हमारे आसपास विचरण करती रहती हैं।पूर्वजों की पुण्यमृति के लिए संस्थान द्वारा समय-समय पर कार्यक्रम किया जाता हैं। श्रद्धा और आस्था के साथ हम अपने पुरखों को स्मरण करते है। पुरखा पुरनिया सम्मान से सम्मानित संजीत कुमार ने बताया कि पूर्वजों को याद करना व सम्मान देना प्रत्येक मानव का कर्तव्य हैं। अधिवक्ता रंजन कुमार पाल ने कहा कि यदि आप चाहते है कि  कोई आपको याद करे, सम्मान दे तो आपको भी अपने पुरखों को याद करना व सम्मान देना होगा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अनीता कुमारी,समाज सेविका ज्योति चौधरी,समाजसेवी किरण देवी, लोक कलाकार सुनील कुमार कांता देवी,अनिल कुमार ठाकुर, आदित्य कुमार,शिवम कुमार,सोनू झा, विजय मिश्र,मनोज बिंदास, रंजन कुमार पाल,संजीत कुमार उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने दिया।

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