Phuldev Patel
मुजफ्फरपुर। (1 March) बुधवार को किलकारी बाल केंद्र रोहुआ में ‘चमकी को धमकी’ के तहत अभियान चलाया गया। नाटक प्रशिक्षक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि जिले में लगातार पड़ रही गर्मी के प्रकोप के कारण चमकी बुखार की संभावना है। मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये बच्चों को नाटक के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।
विद्यालयों में स्कूली बच्चों को “चमकी को धमकी” अभियान के तहत जागरूक करने के लिये नाटक के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। किलकारी बाल केंद्र की समन्वयक आरती कुमारी ने बताया कि चमकी एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी से आम तौर पर एक से 15 वर्ष तक के बच्चे अधिक प्रभावित होते है।
चमकी बुखार से बचाव के लिए छोटे बच्चों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। उनकी समुचित देखभाल से ही इससे सुरक्षा की जा सकती है। इसके लिये छोटी छोटी और जरूरी बातों पर ध्यान रखना होता है। चमकी बुखार में बच्चों को रात में भूखे पेट नहीं सोना है। इसके साथ ही रात में गुड़ जरूर खिलाना है, ताकि शुगर लेवल बरकरार रहे। वहीं सुबह उठने पर बच्चा यदि बेहोशी की हालत में है या फिर बहुत ज्यादा सुस्त है, तो तत्काल उसे नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिये।
चमकी बुखार के प्रारंभिक लक्षण :लगातार तेज बुखार रहना।बदन में लगातार ऐंठन रहना।दांत पर दांत दबाए रखना।सुस्ती चढ़ना।कमजोरी की वजह से बेहोशी आना।चिउटी काटने पर भी शरीर में कोई गतिविधि न होना।चमकी बुखार से बचाव।बच्चों को बेवजह धूप में न निकलने दें। गंदगी से बचें, कच्चे आम, लीची व कीटनाशकों से युक्त फलों का सेवन न करें।ओआरएस का घोल, नींबू पानी, चीनी लगातार पिलायें। बुखार होने पर शरीर को पानी से पोंछे और पारासिटामोल की गोली दें।


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