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मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला में घर वापसी के गीत नाटक का मंचन

चौथे दिन भी नाटक से बंधे रहे दर्शक, परिवर्तन रंग मंडली ने गीतों से मन मोहा

मुजफ्फरपुर. आजादी सिर्फ दो देशों का विभाजन नहीं था, बल्कि लाखों ऐसे लोगों का भी विभाजन हुआ, जिनके घर नहीं थे़. बंटवारे की पीड़ा को आमजनों ने किस रूप में भोगा, इसका चित्रण नाटक घर वापसी के गीत में किया गया. आकृति रंग संस्थान की ओर से जिला स्कूल मैदान में चल रहे मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला के चौथे दिन बुधवार को कोलकाता से आये नाट्य दल ने किया. इसका निर्देशन एसएनए अवार्डी प्रवीर गुहा ने किया था. एक-एक फ्रेम में नाटकों को उन्होंने ऐसे रखा कि दर्शक को नाटक से अलग होने का समय ही नहीं मिला. 

मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला में घर वापसी के गीत नाटक का मंचन
नाटक की क्लासिकता के साथ कथाओं के क्रम ने लोगों का मन मोह लिया. प्रवीर गुहा ने नाटक के जरिये कई सामाजिक समस्या भी उठायी. नाटक में दर्शक अंत तक बंधे रहे़. प्रवीर गुहा को मो इश्तेयाक और विनय कुमार ने फूल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया. नाटक से पूर्व सीवान की परिवर्तन रंग मंडली ने रंगसंगीत से समां बांधा. लोकगीत की प्रस्तुति में दर्शक खोये रहे़. निर्देशक आशुतोष मिश्रा के नेतृत्व में लोक गायको ने कजरी, पूर्वी, देवी गीत, सोहर, विदाई गीत और होली गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. 

मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला में घर वापसी के गीत नाटक का मंचन

कलाकरों ने सीखा अभिनय : राष्ट्रीय नाट्य मेले में रंग कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें कोलकाता से आये एसएनए अवार्डी प्रवीर गुहा और भोपाल से आये एसएनए अवार्डी आशुतोष मिश्रा ने कलाकारों को अभिनय के टिप्स दिये़. दोनों विशेषज्ञों ने अभिनय की बारीकियां समझाई और अभिनय के साथ संवाद प्रस्तुत करके दिखाया़. कार्यशाला में शहर के विभिन्न नाट्य संस्थानों के कलाकार मौजूद रहे.

मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला में घर वापसी के गीत नाटक का मंचन

विषय सबसे पहले, अभिनय बाद में : नाटककार प्रवीर गुहा ने कहा कि विषय सबसे पहले जरूरी है, अभिनय कितना अच्छा हो रहा है, यह बाद की बात है़. हम जो बात कहना चाहते हैं, उसमें कितना सफल हुुए हैँ, सबसे पहले यही देखना चाहिए़. तभी नाटक दर्शकों से संवाद करती है और अपने उद्देश्य में सफल होती है. प्रवीर गुहा ने पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही. थियेटर को बचाए रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सामुदायिक थियेटर जरूरी है. जब यह बचेगा तो तभी दर्शक होंगे. प्रवीर गुहा ने कहा कि मुजफ्फरपुर में नाट्य मेले की शुरुआत बहुत अच्छी पहल है़. इसमें निरंतरता बनी रहे, यही कोशिश रहनी चाहिए़ .

आज पद्मश्री निरंजन गोस्वामी करेंगे माइम नाटक : राष्ट्रीय नाट्य मेले में गुरुवार को पद्मश्री निरंजन गोस्वामी माइम नाटक की प्रस्तुति देंगे. इसके बाद आकृति रंग संस्थान की ओर से घरौंदा नाटक प्रस्तुत किया जायेगा़

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