मुजफ्फरपुर। (रविवार) भगवानपुर स्थित स्किल कॉलेज (यूएस फॉउण्डेशन) के तत्वावधान में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक केदारनाथ प्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि प्रो प्रमोद कुमार विभागाध्यक्ष भूगोल, रामदयालु सिंह कॉलेज, डॉ संतोष सारंग (वरिष्ट पत्रकार), डॉ० कुमार विरल (साहित्यकार), मो० आलम वरिष्ठ (समाजसेवी), बृज बिहारी सिंह (पूर्व प्रधानाध्यापक), संस्था के प्रधान डॉ० उमा शंकर यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता पूर्व विधायक केदारनाथ प्रसाद जी ने की।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों व गुरुजनों को अंगवस्त्र व स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सभी प्रबुद्धजनों व वरिष्ठजनों ने यूएस फॉउण्डेशन द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में उठाये गये कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यूएस फॉउण्डेशन द्वारा पारा मेडिकल और नर्सिंग के क्षेत्र में जो ज्ञान का अलख जगाया जा रहा है इससे समाज में उत्तरोत्तर विकास का साकारात्मक एवं सार्थक कदम है। समारोह में 50 विद्यार्थियों को डिग्री, मेडल एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। उक्त संस्था समाजहित में अपना बहुमूल्य योगदान देने की सीख दे रही है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि प्रो० प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभाशीष दिया। IGIMS के डॉ0 राजीव खुराना ने मैनुअल एनालायसिस के महत्व पर प्रकाश डाला एवं पास होने वाले विद्यार्थियों को अपने कार्यशैली में समाहित करने की नसीहत दी । संस्था के डायरेक्टर ने ज्ञान संसद, एजुकेशन क्लब, स्टूडेंट्स फंड आदि के निर्माण पर जोर दिया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए माननीय पूर्व विधायक भी केदानाथ प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करना चाहिए और छात्रों को जीवन में कुछ पाने के लिए हमेशा मन में सीखने की इच्छा रखनी चाहिए। ज्ञान का कोई अंत नहीं होता । सभी को एक अच्छा मनुष्य बनना चाहिए। एक अच्छा मनुष्य समाज में हमेशा अच्छा ही करता है।
समरोह में मुख्य रूप से प्रो डॉ राजीव कुमार, प्रो डॉ दिलीप कुमार, प्रो डॉ शारदानंद साहनी, प्रो विकास कुमार, डॉ विष्णु देव यादव, डॉ मुसाफिर राय, संजय कुमार यादव, डॉ पवन कुमार, नागेंद्र यादव, डॉ अविनाश यादव, अनिल कुमार, सुनील कुमार,आलोक कुमार आदि मौजूद थे। समारोह का संचालन प्रोफेसर गोपी किशन जी ने किया।



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