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छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गोंडी शब्द संग्रह यात्रा की शुरुआत

 तकनीकी सहायक के रूप में सहयोग कर प्राचीन भाषा गोंडी को बचाने में कर रहे हैं  योगदान

रिपोर्ट 

सुनील कुमार 

छत्तीसगढ़।  शिक्षा विभाग और छत्तीसगढ़ शासन एवं सी जी नेट स्वर फाउंडेशन  के संयुक्त तत्वाधान में चल रहा छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गोंडी संग्रह यात्रा तकनीकी सहायक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि गोंडी भाषा संग्रह यात्रा द्वारा गोंडी भाषा में मानक शब्दकोष निर्माण एक अभियान की तरह चलाया जा रहा हैं। जिसमें 6 राज्यों मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश ,महाराष्ट्र ,उड़ीसा,छत्तीसगढ़ , तेलंगाना से आए गोंड़ी भाषा के विशेषज्ञों ने राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के निर्देशन में 40 ग्रामों से 10,000 समानार्थी एवं मानक शब्द तैयार करने समुदाय के साथ मिलकर काम शुरू किया है lइससे पहले बस्तर में इस विषय पर 4 कार्यशाला भी आयोजित हो चुकी है।इस गोंडी भाषा संग्रह यात्रा की शुरुवात 16 अप्रैल को पानाबरस में पूजा अर्चना के बाद शुरू की गई। 

छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गोंडी शब्द संग्रह यात्रा की शुरुआत

गोंडी शब्द संग्रह यात्रा के तकनीकी सहायक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि गोंडी भाषा के शब्दों का मानकीकरण होगा तब  गोंडी भाषा मे पत्र पत्रिका ,साहित्य प्रकाशित करने में सुविधा होगी । गोंडी एक भाषा बने इसके लिए लगातार कोशिश सरकार एवं समाज के द्वारा की जा रही हैं। 10 हजार समानार्थी एवं मानक शब्द हम सभी इस यात्रा के माध्यम से तैयार करने का प्रयास कर रहे है। गोंडी भाषा संग्रह यात्रा के माध्यम से हिंदी भाषा के शब्दों का विभिन्न राज्यो में गोंडी भाषा मे क्या बोला जाता है ,उस शब्द के संग्रह का कार्य किया जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गोंडी शब्द संग्रह यात्रा की शुरुआत

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी ,कोंडागांव, कांकेर,दंतेवाड़ा,नारायणपुर, सुकमा,बस्तर, छत्तीसगढ़ के  विभिन्न जिले में  इस यात्रा के माध्यम से गोंडी भाषा के शब्दों का आदान प्रदान कर इसमे नई सोच को आगे बढ़ाया जा रहा हैं।सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि गोंडी शब्द संग्रह यात्रा का अभियान 15 अप्रैल से 15जून 2023 तक दो महीने का अभियान हैं।

इससे पहले छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिला दंतेवाड़ा,कांकेर के छात्रवास पोटा केबिन में जाकर बच्चों के साथ गोंडी भाषा में रेडियो कार्यक्रम तैयार करने वाले लोक कलाकार सुनील कुमार ने वर्ल्ड डिजिटल अवार्ड से सम्मानित एवं नक्सल एक्सपर्ट पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी एवं गोंडी भाषाचार्य शेर सिंह आचला का धन्यवाद देते हुए बताया कि गोंडी भाषा के शब्दकोश निर्माण से संवादहीनता का समापन होगा और देश के वनांचल क्षेत्रों में विकास की लहर दौड़ेगी।

छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गोंडी शब्द संग्रह यात्रा की शुरुआत





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