मुजफ्फरपुर, पारू। रविवार को किसान लाइब्रेरी सह सूचना केंद्र के बैनर तले चांदकेवारी पंचायत स्थित आरबीएस पब्लिक स्कूल में एकदिवसीय 'उमंग पेंटिंग कार्यशाला' का आयोजन किया गया। पेंटिंग वर्कशॉप में विभिन्न सरकारी स्कूलों के करीब 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। आगत अतिथि डा. संतोष सारंग प्रतिभागियों को कला के महत्व से अवगत कराया।
सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि चित्रकला, संगीतकला, नृत्यकला आदि से बच्चों का इमेजिंग क्षमता का विकास होता है। वर्तमान समय में चित्रकला के जरिए भविष्य की अपार संभावनाएं है। बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट से लेकर पीएचडी तक की उपाधि लेकर स्कूल-कॉलेज में प्रशिक्षक व शिक्षक के रूप में सेवा दे सकते हैं। एक-एक पेंटिंग की कीमत लाखों हो सकती है। मधुबनी पेंटिंग पूरी दुनिया में कलात्मकता और जीवटता के लिए जानी जाती है।
रंग प्रशिक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि बच्चों को बेसिक स्केचिंग, कलर कंबिनेशन, शेडिंग, लाइव स्केच, पोट्रेट बनाने के गुर सिखाए गए। साथ ही, पेंटिंग के क्षेत्र में कैरियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यशाला के अंत में संजना कुमारी, विमला कुमारी, गुड़िया कुमारी को प्रथम श्रेणी, वही रिमझिम कुमारी, सुजीत कुमार, मुना कुमार को द्वितीय श्रेणी मिली।
तृतीय श्रेणी में अंकित राज, आदित्य राज, नेहा कुमारी, खुशी कुमारी, रुखसार खातुन, मुस्कान कुमारी, बादल कुमार, तरुण कुमार, गुंजा कुमारी, सुप्रिया कुमारी, काजल कुमारी, नंदनी कुमारी, मौविस परवीन, देव स्मृति, तनु कुमारी, आकाश पटेल, पूजा कुमारी, शिवानी कुमारी, प्रिंस कुमार, अविनाश कुमार, राजीव कुमार, राज नंदनी, शालू कुमारी, इरतिफा खातुन के साथ अन्य छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया गया। वहीं, आगत अतिथियों को खादी का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर सकलदेव दास, फूलदेव पटेल, सुरेंद्र कुमार, अमृतांज इंदीवर, अजय शर्मा, ज्ञानचंद्र कुमार, ताहिर हुसैन, मीनाक्षी राय, नेहा कुमारी, दिव्य प्रकाश, मनोरंजन कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।








0 टिप्पणियाँ