आंगन की कलियां

Hot Posts

6/recent/ticker-posts

आंगन की कलियां

 दीक्षा बोरा

गरुड़, उत्तराखंड

चाहे फूलों से कितनी भी महक क्यों न आती हो,
एक मीठी सी मुस्कान है बेटी,
बेटी खुद को दिया वो तोहफा है,
जो सौभाग्य से पैदा होती है,
जो मां की परछाई और पिता का ख्वाब होती है,
खिलती हुई कलियाँ है बेटियां,
जो जिंदगी की असली महक होती है,
मां बाप के आह पर रोती है,
इस दुनिया में सबसे प्यारी एक बेटी होती है।।


चरखा फीचर

Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Ad Code