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मध्यप्रदेश में 11 जिलों के मोबाइल वाणी के नंबर किए गए जारी

 

जिला निवासी अपने-अपने जिलों के नंबरों पर मिस कॉल देकर रोचक जानकारी, खबरें और सरकारी योजनाओं के बारे में जान सकते हैं।

Anisur Rahman 

भोपाल, 6 अगस्त: मोबाइल वाणी द्वारा आयोजित हमीदिया रोड पर स्थित होटल सोनाली रेजिडेंसी में चल रही दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का समापन हो गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों से आए 30 प्रतिभागियों ने पूरे जोशो खरोश से इसमें भाग लेकर निश्चय किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर वह मोबाइल वाणी द्वारा लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे और "हर घर रिपोर्टर" की मुहिम को आगे बढ़ाएंगे
 मध्य प्रदेश में 11 जिलों के मोबाइल वाणी के नंबर किए गए जारी

इस अवसर पर ग्राम वाणी के को फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विजय जी और डायरेक्टर श्री सुल्तान अहमद जी ने 11 अलग-अलग जिलों के नंबरों को जारी किया। जिस पर जिला निवासी किसी भी समय हर प्रकार के फोन से केवल एक मिस कॉल देकर अपने जिले की खबरें सुन सकते हैं और अपने मोबाइल का तीन नंबर का बटन दबाकर उस पर अपनी प्रतिक्रिया या अपनी समस्या अथवा खबर भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। 

प्रत्येक जिला के नामों को मोबाइल वाणी से जोड़ दिया गया है जैसे मध्य प्रदेश मोबाइल वाणी का नंबर 08800438555, शिवपुरी मोबाइल वाणी का नंबर 9266613222, राजगढ़ मोबाइल वाणी का नंबर 9899 054555, छिंदवाड़ा मोबाइल वाणी का नंबर 9266617444, गुना मोबाइल वाणी का नंबर 9266021555, दतिया मोबाइल वाणी का नंबर 9540039658, खंडवा मोबाइल वाणी का नंबर 9953654555, बड़वानी मोबाइल वाणी का नंबर 9643 244555, दिवास मोबाइल वाणी का नंबर 7289854222, ग्वालियर मोबाइल वाणी का नंबर 7669074641, डायरेक्टर श्री सुल्तान अहमद जी ग्रामीणों और प्रदेश निवासियों से अपील की है कि अपने-अपने जिलों के नंबरों पर एक बार मिस कॉल देकर इसे जरूर सुने और दूसरों के साथ भी साझा करें ताकि आपकी समस्या का समाधान हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी इन सेवाओं का लाभ स्मार्टफोन से गूगल प्ले स्टोर पर जाकर मोबाइल वाणी ऐप डाउनलोड करके भी लिया जा सकता है।

ग्राम वाणी के सीईओ विजय जी ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में किया जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैं और ग्राम वाणी की पूरी टीम आपको हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार है। आप लोग कई और तरह के प्रोग्राम अपने मोबाइल वाणी पर शुरू कर सकते हैं जैसे कि "असफलता से सीख" "पकवान गैलरी" 12वीं के विद्यार्थियों के लिए साहित्य और कला से रिलेटेड कोई प्रोग्राम भी शुरू करना चाहिए। ताकि उनके अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना को जगाया जा सके। यह वह विद्यार्थी हैं जो बड़े-बड़े शहरों में रहने के बजाय अपने अपने गांव में रहकर भी बड़े शहरों में होने वाली प्रतिस्पर्धा की तैयारी मोबाइल वाणी से कर सकें। वह अपने प्रश्न और उसके उत्तर आसानी से अपने अपने गांव घर में बैठे-बैठे ले सके।

इस अवसर पर मोबाइल वाणी में चलने वाले एक कार्यक्रम "रफी की डायरी" पर भी चर्चा की गई। चर्चा में भाग लेते हुए बुंदेलखंड से आए अनी आर खान ने इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। और प्रतिभागियों से प्रैक्टिकल डायरी भी लिखवाई गई। जिसमें बहुत सारे लोगों ने भावनात्मक अपने बचपन और गरीबों की यादों को अपनी डायरी में समेट कर प्रेजेंटेशन में पेश किया।

 दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर ग्राम वाणी के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रिंटेड ट-शर्ट और सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया।

 कार्यक्रम के अंत में अशोक शर्मा, अमरजीत कुमार और अन्य लोगों ने सभी प्रतिभागियों, ग्राम वाणी के अधिकारियों और एक्सपर्ट्स का शुक्रिया अदा किया।

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