ज्वलंत मुद्दे

6/recent/ticker-posts

ए ! मन ले चल मुझे वहां

शिवानी पाठक

ए ! मन ले चल मुझे वहांकक्षा-11
उत्तरौड़ा, उत्तराखंड

ए ! मन ले चल मुझे वहां,
हो बहती ठंडी हवा जहां,
न हो कोई हलचल हो,
शोर शराबे से दूर,
मन ले चल मुझे वहां,
न हो जहां कोई रोकटोक,
हो चाहत मेरी पूरी वहां,
प्रकृति भी झूमती हो जहां,
ए ! मन ले चल मुझे वहां,
न हो जहां झूठ फरेब,
बस सच्चाई की राह हो,
हो जहां खुशियों की दुनिया,
झूम रहे हों सब जहां,
ए ! मन ले चल मुझे वहां।।

चरखा फीचर



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ