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Phuldev Patel
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मुजफ्फरपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश पर चलाए जा रहे “भारत मुक्त 100 दिवसीय बाल विवाह उन्मूलन अभियान” के तहत आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) मुजफ्फरपुर की ओर से जागरूकता रथों को रवाना किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मुजफ्फरपुर श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री पीयूष प्रभाकर सहित अन्य वरीय न्यायाधीश, पदाधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती जयश्री कुमारी मौजूद रहीं। सभी ने संयुक्त रूप से चार जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता एवं पीएलवी (पैरालीगल वॉलेंटियर) भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों के अधिकारों के बारे में लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे गांव-गांव जाकर बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभा सकें। साथ ही पंचायत स्तर पर मुखिया और सरपंच, तथा प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल पदाधिकारी (CO) और थाना अध्यक्षों को भी सूचित कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान रथ विभिन्न गांवों, स्कूलों और पंचायतों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे तथा बाल विवाह से संबंधित कानून, निःशुल्क कानूनी सहायता और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी देंगे। इसका उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित एवं शिक्षित भविष्य प्रदान करना है।

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