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मुजफ्फरपुर के शिक्षक अभिषेक की पहल को SCERT ने किया चयनित

  • PBL आधारित नवाचार से बदली विद्यालय की तस्वीर

मुजफ्फरपुर।
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) के प्रभावी क्रियान्वयन से मुजफ्फरपुर जिले के एक शिक्षक ने अपने विद्यालय की शैक्षणिक तस्वीर बदल दी है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सलेमपुर ढाब (कांटी) के गणित-विज्ञान शिक्षक कुमार अभिषेक के नवाचारी प्रयासों को SCERT द्वारा जिले से चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।
मुजफ्फरपुर के शिक्षक कुमार अभिषेक की पहल को SCERT ने किया चयनित
विद्यालय में योगदान देने के बाद शिक्षक ने पाया कि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों का सीखने का स्तर अत्यंत असमान था और उपस्थिति भी काफी कम थी। कई छात्र-छात्राएं महीनों से विद्यालय नहीं आ रहे थे। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धति से हटकर PBL आधारित अधिगम को लागू करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कक्षा में लीडरशिप आधारित समूह मॉडल की शुरुआत की, जिसमें सक्षम विद्यार्थियों को “टीम लीडर” बनाकर कमजोर छात्रों के साथ जोड़ा गया। इस सहयोगात्मक पहल का सकारात्मक असर देखने को मिला और धीरे-धीरे विद्यालय की उपस्थिति बढ़कर 85 प्रतिशत तक पहुंच गई।
मुजफ्फरपुर के शिक्षक अभिषेक की पहल को SCERT ने किया चयनित
ब्लॉक टेक्निकल टीम के सदस्य के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण पूरे प्रखंड में PBL का शत-प्रतिशत सहभागिता के साथ प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सका। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (SSA एवं EE) सुजीत कुमार दास द्वारा उन्हें ब्लॉक स्तरीय उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।

हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय PBL मेला में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गणित एवं विज्ञान दोनों श्रेणियों में प्रथम उपविजेता स्थान प्राप्त किया। इससे पूर्व भी विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी, क्विज एवं नवाचार प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुजफ्फरपुर के शिक्षक अभिषेक की पहल को SCERT ने किया चयनित
कुमार अभिषेक का मानना है कि “हर बच्चा सीख सकता है, यदि उसे विश्वास और अवसर मिले।” उनके प्रयासों से आज विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह बदल चुका है और विद्यार्थी उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लेते हुए बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह सफलता एक शिक्षक की प्रतिबद्धता, नवाचार और सामूहिक प्रयास की मिसाल है, जो दर्शाती है कि सकारात्मक सोच के साथ सरकारी विद्यालयों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन संभव है।

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