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दक्षिणी राजस्थान के सज्जनगढ़ में सब्जी मंडी का शुभारंभ

Report : Vikas Meshram

(vikasmeshram04@gmail.com)

किसानों को मिला सीधा बाजार, बिचौलियों से मिलेगी राहत

सज्जनगढ़ (दक्षिणी राजस्थान), 18 मार्च 2026। आदिवासी बहुल क्षेत्र सज्जनगढ़ में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सब्जी मंडी का भव्य शुभारंभ किया गया। इस मंडी की स्थापना कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन भीलकुआं, वागधारा संस्था और ग्राम पंचायत सज्जनगढ़ के संयुक्त प्रयासों से की गई है। इसे क्षेत्र के किसानों के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

सज्जनगढ़ गांव में सब्जी मंडी का उद्घाटन समारोह


किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

नई सब्जी मंडी के शुरू होने से अब स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे सीधे मंडी में आकर अपनी फसल बेच सकेंगे, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी

अब तक किसानों को बिचौलियों के माध्यम से ही अपनी उपज बेचनी पड़ती थी, जिससे उन्हें कम कीमत मिलती थी। नई व्यवस्था से इस समस्या में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुरानी समस्याओं से मिलेगी राहत

किसानों को पहले कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिनमें प्रमुख हैं:

  • कम दाम पर फसल की बिक्री
  • परिवहन पर अधिक खर्च
  • समय की बर्बादी
  • ताजी सब्जियों के खराब होने का जोखिम

स्थानीय स्तर पर मंडी स्थापित होने से इन समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।

उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

मंडी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आसपास की ग्राम पंचायतों—टांडा रत्ना, राठ धनराज और टांडा मंगला—के जनप्रतिनिधि, किसान, व्यापारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत समिति सज्जनगढ़ के विकास अधिकारी अजहर खान ने की, जबकि मंच संचालन दिनेश चंद्र डिंडोर ने किया।

क्या बोले अधिकारी और जनप्रतिनिधि

सज्जनगढ़ गांव में सब्जी मंडी का उद्घाटन समारोह
अध्यक्षीय संबोधन में विकास अधिकारी अजहर खान ने कहा कि यह मंडी केवल एक बाजार नहीं, बल्कि जनजातीय क्षेत्र के आर्थिक विकास का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और वे बिचौलियों के चक्र से बाहर निकल सकेंगे।

वागधारा संस्था के प्रतिनिधि पी.एल. पटेल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, और यह मंडी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मंडल अध्यक्ष रमणलाल गरासिया ने इसे किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

वहीं, सरपंच प्रतिनिधि शांतिलाल कटारा और उपसरपंच दाड़म सेठ ने कहा कि ग्राम पंचायत इस मंडी को एक आदर्श बाजार के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत रहेगी।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंडी के संचालन से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को ताजी और उचित मूल्य पर सब्जियां उपलब्ध हो सकेंगी।

सज्जनगढ़ में शुरू हुई यह सब्जी मंडी क्षेत्र के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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