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डॉ. हेम नारायण विश्वकर्मा
मुजफ्फरपुर। गयाजी जिले के बेलागंज प्रखंड के सिंघौल गांव निवासी प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी इस सूची में स्थान मिलने पर विश्वकर्मा समाज में खुशी की लहर है।
विश्वकर्मा समाज, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेम नारायण विश्वकर्मा ने डॉ.अजय कुमार की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे समाज और बिहार के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता से युवाओं को शिक्षा, शोध और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
डॉ.अजय कुमार सिंघौल गांव निवासी अवधेश शर्मा के दूसरे पुत्र हैं। वे वर्तमान में नोएडा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेलागंज के अग्रवाल उच्च विद्यालय से प्राप्त की और काशी हिंदू विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की।
वर्ष 2018 से 2022 तक उन्होंने इजराइल के कृषि अनुसंधान संगठन वोल्कानी सेंटर में विजिटिंग साइंटिस्ट के रूप में कार्य किया। पादप-सूक्ष्मजीव अंतःक्रिया और सतत कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
डॉ.अजय कुमार के 145 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने 60 से अधिक वैज्ञानिक पुस्तकों का संपादन भी किया है।
डॉ.अजय कुमार की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सिंघौल सहित पूरे क्षेत्र और विश्वकर्मा समाज में खुशी का माहौल है। समाज के लोगों ने इसे प्रतिभा, मेहनत और लगन का परिणाम बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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