रिपोर्ट
चिराग पोद्दार
मुजफ्फरपुर। (24जनवरी) मंगलवार को सरला श्रीवास युवा मंडल,मालीघाट में संस्थान के मुख्य संरक्षक कांता देवी के अध्यक्षता में बालिका दिवस दीप प्रज्ज्वलित कर मनाया गया। अध्यक्षीय संबोधन में कांता देवी ने बताय कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं। इसके लिए वे तमाम तरह के साधन जुटाते हैं और कोशिश भी करते हैं कि उनका बच्चा हर तरह से सेफ रहे। जब तक बच्चा छोटा रहता है। वह ज्यादातर समय अपने माता-पिता और परिवार के लोगों के साथ रहता है लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है। वह दोस्तों के साथ खेलना, स्कूल और ट्यूशन क्लासेस जाना शुरू कर देता है। उस समय एक माता-पिता के रूप में आप अपने बच्चे को सड़क पार करने और किसी से व्यवहार करने के बारे में तो सिखाते हैं लेकिन कोई उन्हें गलत तरीके से टच करें। गुड टच और बैड टच क्या होता है। इसके बारे में नहीं बताते हैं।
कई माता-पिता तो ऐसे होते हैं, जिन्हें अपने बच्चों से इस बारे में बात करने में भी हिचक और शर्म महसूस होती है लेकिन आपको ये ध्यान रखना चाहिए कि आपके बच्चे को सुरक्षित और सशक्त बनाने की जिम्मेदारी आपकी है ताकि वह अपने साथ हो रही गलत चीजों के खिलाफ बोल सके। बच्चों को मन बहुत कोमल होता है। कई बार वह अपने साथ हुई गलत चीजों को लेकर खुलकर बोल नहीं पाते हैं और आप उनके व्यवहार समझ नहीं पाते हैं इसलिए अपने बच्चे से हमेशा खुलकर सभी विषयों पर बात करें। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपने बच्चे को गुड टच और बैड टच के बारे में समझा सकते हैं। सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि कोई आपको टच करें और आपको अच्छा न लगे तो इसे बैड टच कहते हैं। जैसे- कोई व्यक्ति आपके प्राइवेट पार्ट्स को गलत तरीके से छूने की कोशिश करें तो, ये बैड टच होता है। इसके अलावा अगर कोई आपको प्यार से टच करें, जैसे कि माथे पर हाथ फेरना या प्यार से गालों को खींचना। ये सभी गुड टच में गिने जाते हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विधा सागर, खुशबू कुमारी,प्रमिला देवी,दुर्गा कुमारी,लोक गायिका अनिता कुमारी,अदिति ठाकुर,अंशिका मौजूद थी। धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने दिया और सभी बेटियों को बालिका दिवस की शुभकामना दी।


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