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एआईएम कोचिंग सेंटर चांदकेवारी में शोक सभा का आयोजन

रिपोर्ट 

फूलदेव पटेल 

बिहार, मुजफ्फरपुर। पारु प्रखण्ड के अन्तर्गत मुहब्बतपुर पंचायत के समाजसेवी व शिक्षक रामेश्वर राय उर्फ मुन्ना पटेल की आकास्मिक निधन पर एआईएम कोचिंग सेंटर चांदकेवारी में शोक सभा का आयोजन किया गया।  इस शोकसभा में शिक्षक राज किशोर राम ने कहा कि मुन्ना पटेल जीवन में उतार-चढ़ाव के साथ समाज में गरीबों के मसीहा बने।  जीवन सादगी के साथ जीकर समाज में जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहते थे।  प्रमोद पटेल ने बताया कि मुन्ना पटेल को जब से हम लोग जानते-पहचानते थे। वे हंसमुख एवं प्रखर विचारधारा के व्यक्ति थे।  शिक्षक सरफराज आलम ने बताया कि वो जब भी किसी से मिलते चाहे बच्चे या नौजवान के साथ बुजुर्गों से सभी के साथ एक समान व्यवहार करते थे।  शिक्षक राम प्रवेश राय ने बताया कि हमारे समाज में वैसे व्यक्ति के जीवन से बहुत कुछ सिखने की आवश्यकता है। 

एआईएम कोचिंग सेंटर चांदकेवारी में शोक सभा का आयोजन

इस शोकसभा में सभी छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखा।वही मुन्ना पटेल उर्फ मुन्ना डीलर  ने अपने पीछे भरा-परा परिवार है, जिसमें बड़े लड़के राकेश पटेल बैंक मैनेजर, दूसरा  पुत्र गुड्डू पटेल पिता का हाथ बटाने में मदद करते हैं।  तीसरा पुत्र पिन्टू अभी पढाई दिल्ली में करते हैं। उनके पूरे परिवार में 15 सदस्य हैं। 

एआईएम कोचिंग सेंटर चांदकेवारी में शोक सभा का आयोजन

पूर्व जिला पार्षद देवेश चंद ने बताया कि एक समय अस्सी के दशक में सामन्तवादी ताकतों को लोहा मनवाने वाले मुन्ना डीलर के नाम से जाने जाते थे।  समाज में जिस समय  ऊंच-नीच का भेदभाव था।  गरीबों का शोषण होता था।  उस समय समाज को आवाज दिया। चांद केवारी के प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि नब्बे के दशक में जहाँ पुलिस प्रशासन को कुछ अपराधी ने नीद हराम किया था, बहु-बेटियों के साथ अन्य ग्रामीणों को राह चलना दुश्वार था। उस समय मुन्ना पटेल अपराधियों के खिलाफ खड़ा थे। प्रशासन भी समाज के लिए उठाए  कदम की सराहना किया था।  मुहब्बतपुर के निवासी डॉक्टर श्याम नाथ राय ने बताया कि एक समय रामेश्वर राय उर्फ मुन्ना पटेल मुहब्बतपुर शिव मंदिर के पास एक प्राईवेट स्कूलों में बच्चों को पढाने यानी शिक्षक के रूप में थे।  जिसे हमे भी कुछ दिन उनसे पढने का मौका मिला था।  उन्होंने बताया कि मुन्ना पटेल 1979 में जनवादी संस्कृति मोर्चा के माध्यम से एक कुशल कलाकार भी थे।  उन्होंने नाटक में एक अच्छे किरायेदार कीभूमिका निभाई। समाज को एक सूत्र में बाध कर रखते थे।  

इस शोकसभा में रुबीना खातुन, संजना कुमारी, अनामिका कुमारी, पुजा कुमारी, सोनम कुमारी, अजंली कुमारी, गुड़िया कुमारी, बंदना कुमारी, नाजीया खातुन, आरती कुमारी, हाजरा खातुन, सोनू कुमार, रुसतम, रंजीत कुमार, आलोक कुमार, सोहेल, अंश कुमार, समशेर, विक्रम कुमार, जयंत कुमार, संदीप कुमार, हुसैन आलम उपस्थित थे। 

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