रिपोर्ट
फूलदेव पटेल
मुजफ्फरपुर। 22 फरवरी ) किलकारी बाल केंद्र ,रोहुआ में भारत का संविधान उद्देशिका के संबंध में संवाद किया गया। प्रशिक्षक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि किसी देश का संविधान इसकी राजनैतिक व्यवस्था का वो बुनियादी साचा दांचा हैं जिसके अन्तर्गत उसकी जनता शाशित होती है। ये राज्य कि विधायिका ,कार्यपालिका, न्यायपालिका जैसे प्रमुख अंगों का स्थापना करता हैं। इसमें भविष्य की दिशा क्या होगी यह भी इंगित करता है। इस अवसर पर कुमारी रिया ने भारतीय संविधान की उद्देशिका को बताई।
“हम भारत के लोग, भारत को एक एक सम्पूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय,विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26-11-1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
इस अवसर पर शिवानी, आस्था,अनुराग,रोहन,जिया शिव, शाहिद कमाल, साई सेवादार अविनाश कुमार,अधिवक्ता मुन्नी चौधरी, लोक गायिका अनीता कुमारी,अविनाश कुमार,कमलेश कुमार, भारत के संविधान का महत्वपर्ण अंश प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन किलकारी बाल केंद्र की समन्वयक आरती कुमारी ने दिया।


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