आपदा के समय में लेखन विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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आपदा के समय में लेखन विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

मुजफ्फरपुर। दिल्ली स्थित चरखा डेवलपमेंट कम्युनिकेशन नेटवर्क द्वारा चार दिवसीय "आपदा के समय में लेखन" विषय पर शहर के मझौलिया स्थित निर्देश संस्था में कार्यशाला का समापन हुआ।  मार्च २० से २३ तक आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और किशोरियों को आलेख लिखने के बारे में अवगत कराना था । जिससे कि वे अपने भौगोलिक और सामाजिक समस्यांओ, रूढ़ियों  और प्रथाओं को आलेख के माध्यम से मुख्य पटल पर ला सके। इसके साथ ही उन्हें आपदा जैसे- बाढ़, सूखा, कोविड आदि जैसे गंभीर विषय पर आलेख लेखन  सिखलाया गया।  

आपदा के समय में लेखन विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

कार्यशाला में मुजफ्फरपुर के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से 15  प्रतिभागियों ने भाग लिया है। कार्यशाला में मुख्यतः किशोरियों एवं महिलाओं की भागीदारी रही। चार दिन के इस कार्यशाला का संचालन चरखा संस्थान के सीईओ चेतना वर्मा और आयुष्य सिंह (प्रोजेक्ट एसोसिएट) ने किया। टीम द्वारा पूर्व में किए गए फील्ड विजिट के आधार व  तैयार मॉड्यूल के आधार पर अलग-अलग सत्र में विभिन्न प्रकार के आपदाओं में अंतर, आपदा के समय सामाजिक - लैंगिक व्यवस्था में बदलाव, लैंगिक रूढ़िवाद और भेदभाव पर चर्चा की गयी। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और वीडियो के माध्यम प्रतिभागियों के सम्मुख बाढ़, सूखा, महामारी, मानवीयकृत आपदाओं जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत की गई। 

आपदा के समय में लेखन विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

कार्यशाला में ट्रेनिंग के दौरान मरवन ब्लॉक के गांवों में एक दिवसीय फील्ड वर्क किया गया। जिसमें प्रतिभागियों में गांव में जाकर वहां के निवासियों से उनकी समस्याओं पर भी बात की गयी । कार्यशाला को सफल बनाने में  अमृतांज इंदीवर, फूलदेव पटेल तथा सामाजिक कार्यकर्त्ता व वरिष्ठ लेखक डॉ संतोष सारंग ने अहम भूमिका निभाई।  इन्होंने ना सिर्फ प्रतिभागियों से अपना अनुभव साझा किया बल्कि आलेख के जटिल और जरूरी पक्षों से रू-ब-रू करवाने के लिए फील्ड में भी मार्गदर्शन किया। 

आपदा के समय में लेखन विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

चरखा संस्थान का उद्देश्य उपेक्षित क्षेत्रों के लोगों, विशेषतः महिलाओं को नागरिक पत्रकार के रूप में प्रशिक्षित  करना है जिससे वे अपने समाज की समस्याओं को उठा सकें। ट्रेनिंग के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने अपने विषय, और फील्ड से जुड़े मुद्दों पर आलेख लिखें जिसे चरखा, अपने त्रि-भाषीय आलेख सर्विस के माध्यम से देश के अलग-अलग हिंदी, उर्दू एवं अंग्रेजी के अखबारों और ऑनलाइन समाचार पोर्टल पर प्रकाशित भी करवाएगा।

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