- जिले के 9 प्रखंडों में 400 से अधिक गांवों में चल रहा शिक्षाग्रह अभियान
- ड्रॉपआउट लड़कियों को स्कूलों से जोड़ने एवं बाल विवाह रोकने की पहल
Muzaffarpur . जिले के 9 प्रखंडों के 400 से अधिक गांवों में 50 से अधिक महिला कार्यकर्ता 'शिक्षाग्रह' मुहिम चला रही हैं. ये मुहिम ज्योति महिला समाख्या के नेतृत्व में मुशहरी, कुढ़नी, सकरा, बंदरा, मड़वन, कटरा, औराई, मुरौल, बोचहां प्रखंड के विभिन्न गांवों के दलित-महादलित टोले एवं अन्य वंचित समुदाय में 'शिक्षा चौपाल' लगाकर चलाया जा रहा है. शिक्षा से वंचित किशोरियों को स्कूल से जोड़ने एवं बाल विवाह रोकने के लिए यह अभियान 16 से 28 सितंबर तक चल रहा है. शिक्षा चौपाल में उन चुनौतियों को चिन्हित किया जाता है, जिसके कारण आज भी बहुत सारी लड़कियां पढ़ने नहीं जाती है अथवा बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं. साथ ही, इन समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की जाती है.
ज्योति महिला समाख्या की सचिव सीता देवी ने बताया कि शिक्षा चौपाल में अबतक दर्जनों समस्याएं सामने आयी हैं, जो बालिका शिक्षा की राह में रोड़ा बनी हुई हैं. इनके समाधान भी साथ-साथ किये जा रहे हैं. अब तक दर्जनों ड्रॉपआउट लड़कियों का अलग-अलग स्कूलों में नामांकन करवाया गया है. चौपाल के दौरान सिर्फ मड़वन प्रखंड के गवसरा मुसहर टोला में 20 से अधिक ड्रॉपआउट लड़कियां मिली हैं, जिनके पास न आधार कार्ड हैं और न जन्म प्रमाण पत्र. पूरे जिले में ऐसे अनेकों मामले मिल रहे हैं. अभियान से जुड़े संतोष सारंग ने बताया कि मंत्रा4चेंज के सहयोग से पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, शिवहर समेत 12 जिलों के सैकड़ों गांवों में 'शिक्षा चौपाल' का आयोजन हो रहा है. पिछले एक साल से यह शिक्षाग्रह आंदोलन बिहार के गांवों में तीन-तीन महीने के अंतराल पर हो रहा है. शिक्षा चौपाल का यह चौथा चरण है.
इस अभियान को सफल बनाने में सचिव सीता देवी, कविता कुमारी, आलिशा कुमारी, ममता देवी, निराला देवी, प्रमिला देवी, सुधा देवी, रानी कुमारी, विभा देवी, हिमालिनी कुमारी समेत 50 से अधिक महिला कार्यकर्ता लगी हैं. हर कार्यकर्ता हर दिन दो-दो चौपाल लगा रही हैं. मुज़फ़्फ़रपु में अब तक 1000 से अधिक चौपाल लगाये जा चुके हैं. चौपाल में शामिल महिलाएं अपनी बेटियों को कम से कम इंटर तक पढ़ाने एवं बाल विवाह न करने की शपथ ले रही हैं.


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