मुजफ्फरपुर (बिहार): जिला विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बाल विवाह उन्मूलन, नशामुक्ति और युवाओं को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। 5 से 9 जनवरी 2026 तक मुखर्जी सेमीनरी उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरि सभा चौक में आयोजित इस कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रस्तुति और जागरूकता रैली शामिल रही।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता बाल मुकुंद कुमार ने छात्रों को नालसा और बालसा के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गरीब, महिला, वृद्ध, विधवा और दिव्यांग नागरिकों को बिना किसी शुल्क के कानूनी मदद दी जाती है। साथ ही बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताते हुए कम उम्र में शादी न करने और कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना टोल-फ्री नंबर पर देने की अपील की।
पीएलवी फूलदेव पटेल ने कहा कि आज के युवा ही देश के भविष्य हैं और नशामुक्त रहकर ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने राज्य सरकार की छात्राओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं—साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि—की जानकारी दी और बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताया।
एलएलसी शिक्षक रंधीर कुमार ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने की बात कही, जबकि एनसीसी शिक्षक बालमुकुंद कुमार ने युवाओं की भूमिका को सशक्त भारत की नींव बताया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई, जो कल्याणी होते हुए हरि सभा चौक पर संपन्न हुई। रैली में छात्रों ने बाल विवाह और नशाखोरी के खिलाफ नारे लगाकर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।


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