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कमजोर, बेबसों की जुबान थे कर्पूरी ठाकुर

मालीघाट में सामाजिक एकता फोरम ने मनाई जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती, सामाजिक न्याय पर हुआ विचार-विमर्श

मुजफ्फरपुर। आज दिनांक 24 जनवरी को मालीघाट स्थित चूना भट्टी रोड, मोर्चा कार्यालय में सामाजिक एकता फोरम, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर संजय कुमार सुमन ने की।

कमजोर, बेबसों की जुबान थे कर्पूरी ठाकुर
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. संजय कुमार सुमन ने कहा,“कोई यूं ही जननायक नहीं बन जाता, इसके लिए जनता के हित में स्वयं को समर्पित करना पड़ता है।” कमजोर, बेबसों की जुबान थे कर्पूरी ठाकुरउन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन जनहित और जनसंघर्षों को समर्पित रहा। बड़े पदों पर रहते हुए भी उनका जीवन अत्यंत सरल, सहज और ईमानदार रहा। वे अंतिम क्षण तक समाज के कमजोर, दबे-कुचले और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे और सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक विषमता को समाप्त करने के लिए दृढ़संकल्पित थे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ संतोष सारंग ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को दलितों, शोषितों और वंचितों की सशक्त आवाज बताया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का राजनीतिक और सामाजिक योगदान आज भी प्रासंगिक है।सामाजिक कार्यकर्ता विशुनदेव यादव ने कहा कि सामाजिक जागृति के माध्यम से ही जननायक के सपनों को साकार किया जा सकता है। वहीं शिक्षक ललन भगत ने उन्हें सामाजिक न्याय का मजबूत स्तंभ बताया।

राजा भारती ने शिक्षा को सामाजिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षा के प्रसार से ही समाज में समानता स्थापित की जा सकती है। हेमनारायण विश्वकर्मा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय का महान योद्धा बताया। कवि व सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र कुमार सत्येन ने कहा कि बिहार की राजनीति में कर्पूरी ठाकुर जैसा ईमानदार नेता दूसरा नहीं हुआ।

गांधीवादी सोनू सरकार ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के विचार शोषण के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देते हैं। रंगकर्मी बैजू कुमार ने कहा कि उनका व्यक्तित्व समाज के कमजोर, लाचार और बेबस लोगों को संघर्ष करने और आगे बढ़ने की ताकत देता है।

कमजोर, बेबसों की जुबान थे कर्पूरी ठाकुर

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विशुनदेव यादव, ललन भगत, राजा भारती, श्याम कुमार, सोनू सरकार, मुन्ना कुमार, केदार प्रसाद सिंह, विक्रम जय नारायण निषाद, अर्जुन कुमार गुप्ता, मोहम्मद यशीन, हेमनारायण विश्वकर्मा, शिव कुमार राय, दिनेश प्रसाद, अनिल कुमार ठाकुर, चिराग पोद्दार, श्वेता कुमारी, सत्येंद्र कुमार सत्येन, उमेश राज, मुस्कान केशरी, अनीता कुमारी, राजू कुमार, पूनम कुमारी, रिया कुमारी, कृति कुमारी, भोला शाह, चंदन कुमार, बिंदिया कुमारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक मोर्चा के सचिव राजू कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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