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हिम्मत, एहसास और समय –चार प्रेरणादायक हिंदी कविताएँ

 

हिम्मत, एहसास और समय –चार प्रेरणादायक हिंदी कविताएँ

खुद की दुनिया बनाई है


पूजा
कक्षा 11
सैलानी, उत्तराखंड
gaongaonkiaawaz@gmail.com

बहुत आँधियाँ आई राहों में,
बहुत तूफ़ानों ने रोका था,
लोगों ने कहा “तू नहीं कर पाएगी”,
हर कदम पर उसे टोका था,
कभी आँखों में उसके आँसू थे,
कभी दिल में दर्द छुपाया था,
मुस्कान के पीछे भी उसने,
एक पूरा संघर्ष छुपाया था,
हर बार गिराई गई वो,
हर बार उसे झुकाया गया,
पर वो मिट्टी नहीं थी साधारण,
जिसे यूँ ही दबाया गया,
उसने हर चोट को ताकत बनाया,
हर दर्द से कुछ सीखा है,
लोगों की बातों को पीछे छोड़,
खुद पर भरोसा करना सीखा है,
वो लड़की है, कमज़ोर नहीं,
वो खुद अपनी पहचान है,
जो दुनिया से लड़कर भी मुस्कुराए,
वो सच्ची हिम्मत की मिसाल है,
आज जो खड़ी है ऊँचाई पर,
वो यूँ ही नहीं यहाँ तक आई,
हर “नहीं” को “हाँ” में बदलकर,
उसने अपनी दुनिया खुद बनाई है।।
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मेरी डायरी

वंदना
उम्र 26 वर्ष
डूंगरी, उत्तराखंड


हर दिन जिंदगी को मैं,
कुछ इस तरह मोड़ देती हूं,
आए जब भी याद मुझे,
अपनी डायरी को भर देती हूँ,
खुद को पढ़ती हूँ और,
फिर यूं ही छोड़ देती हूँ,
एक पन्ना जिंदगी का मैं,
हर रोज इस तरह मोड़ देती हूँ,
याद आए कुछ भी मुझे, लिख देती हूँ,
दो लाइन में अपनी डायरी को मैं,
हर दिन यूं कलम से भर देती हूँ।।
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घर के मसले

आंचल
डूंगरी, कपकोट


मैं उनसे बहुत घबराती हूँ,
उनकी आहट से भी डर जाती हूँ,
मेरे घर में जो कमरा है मेरा,
मैं वहां अकेले रो जाती हूँ,
वो लोग मुझे समझ नहीं पाते,
ना ही मैं उन्हें समझा पाती हूँ,
मेरे मसले मेरे ही अंदर दब जाते हैं,
मैं उनको बाहर नहीं निकाल पाती हूँ,
उनकी बातें मुझे बहुत डराती हैं,
मैं अंदर ही अंदर सहम जाती हूँ,
मुझे उजाले से कहीं ज्यादा,
अब अंधेरा ही अच्छा लगता है,
क्योंकि मैं अपनी सारी तकलीफें,
किसी को भी नहीं बता पाती हूँ,
घर के मसले से अब बहुत घबराती हूँ।।
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समय

चाँदनी बिष्ट
सुराग, उत्तराखंड


क्यों ना चलो नया सवेरे के साथ,
नया अपना समय लिखे,
नये पंखों के साथ उड़ान भरे,
नया ख्वाब बुने एक नया जहां बनाएं,
जिस समय को बिगाड़ कर अब तक मैं सोई थी,
चलो क्यों ना उसे एक नए सवेरे से उठाकर बेहतर बनाएं,
चलो अपने परिवार के लिए कुछ करने की सोचें
और इस समय को बदलने की सोचें,
हाँ अब हम भी समय के साथ  कुछ करने की सोचें।।

Disclaimer (अस्वीकरण) : 

इस पोस्ट में प्रकाशित सभी कविताएँ संबंधित कवियों/लेखकों की मौलिक रचनाएँ हैं।
इन कविताओं में व्यक्त विचार, भावनाएँ और तथ्यों के लिए पूर्ण रूप से संबंधित कवि/लेखक स्वयं जिम्मेदार हैं। 


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