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मुजफ्फरपुर: नशा मुक्ति पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित, छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश

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Phuldev Patel

मुजफ्फरपुर। मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दिवस (26 जून 2026) के पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में मुखर्जी सेमिनरी उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरिसभा चौक में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के 45 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुजफ्फरपुर: नशा मुक्ति पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित, छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता श्री अकींउम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए बताया कि अवैध मादक पदार्थों का सेवन और तस्करी भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है।

विद्यालय के शिक्षक श्री रंधीर कुमार ने कहा कि नशामुक्त रहकर ही विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्ज्वल एवं जीवन को सुखमय बना सकते हैं। वहीं शिक्षिकाएं पुष्पा कुमारी एवं सुमिता आर्या ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चुनौती है।

अधिवक्ता श्री सरोज सिंह ने कहा कि बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के लिए अभिभावकों के साथ-साथ समाज भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सामने घर और समाज का वातावरण सकारात्मक होना चाहिए, ताकि वे गलत आदतों से दूर रह सकें।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी फूलदेव पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा और ज्ञान का नशा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चे अक्सर अपने आसपास के लोगों को देखकर नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। जिस परिवार में नशे की प्रवृत्ति होती है, वहां आर्थिक संकट, बीमारी, शिक्षा और संस्कारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देता है, जिसके कारण हत्या, लूट, बलात्कार, सड़क अपराध और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर अपराध बढ़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिल पंचर बनाने में प्रयुक्त सॉल्यूशन, कच्ची शराब, अफीम, चरस, गांजा, भांग, गुटखा आदि नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, “जो हुआ नशा का शिकार, उसका उजड़ा घर-परिवार।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।

निबंध प्रतियोगिता में जावेद, अनुराग गुप्ता, अंशी राज, राजीव चौधरी, हन्नी राज, हिमांशु कुमार, शाहिल कुमार, जुनैद, रौशन कुमार, प्रिंस कुमार, साहिल कुमार, तनशु कुमारी, रितिका कुमारी, बबिता कुमारी, नंदनी कुमारी, साक्षी कुमारी, अरबाज, मनोज कुमार, आदित्य कुमार, आयुष तिवारी सहित कुल 45 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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