नागरिक पत्रकार
फूलदेव पटेल
मुजफ्फरपुर-देवरिया। पारु प्रखंड अन्तर्गत मुहब्बतपुर स्थित मध्य विद्यालय परिसर में क्रांतिकारी राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले की 193 वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी श्री ओम राजपूत, प्रोफेसर मीरा कुमौदी, वरिष्ठ पत्रकार भूपाल भारती के साथ अन्य शिक्षक, सामाजिक, राजनीति पार्टी के नेता उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूलें के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। संस्था की ओर से अतिथियों को डायरी, कलम व तीस अतिथियों को अप्पन समाचार की ओर से एक-एक मेडल देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में ओम राजपूत ने कहा किया कि आज से 193 वर्ष पूर्व कितनी कठिनाई से माता सावित्रीबाई फूलें ने लडकियों की शिक्षा के लिए संघर्ष कर राष्ट्र में नया प्रतिमान स्थापित किया। वह समय ऐसा था कि लडकियों को घर से निकलना बड़ी मुश्किल होती थी। लेकिन आज तो वैसी व्यवस्था नहीं है, फिर भी लडकियों की प्रति शिक्षा के लिए भेदभाव क्यों ? आज भी जिसके पास लड़की- लडका है वे लडकियों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने भेजते हैं और लडके को प्राईवेट स्कूलों, तो क्या यहाँ भेदभाव नही है? पहले विद्यालय में लडकों की संख्या अधिक और लडकियों की संख्या कम होती थी लेकिन आज ठीक विपरीत दिशा में चल रहा है। अभी सरकारी स्कूलों में लडकियों की संख्या अधिक और लडकों की संख्या कम होती जा रहा है। इसलिए माता सावित्रीबाई फूले की सच्ची श्रद्धांजलि तब मानी जाएगी, जब हर घर की लडकियों की शिक्षा के साथ मान-सम्मान बराबर मिले।
वहीं प्रोफेसर मीरा कुमौदी ने कहा कि माता सावित्रीबाई फूले लडकियों की शिक्षा के लिए जो अलख जगाया आज उसी का परिणाम है कि लड़कियां हरेक क्षेत्र में मिसाल कायम कर रही है। आज सभी भाई-बहन, बुजुर्ग, नौजवान भाई से आग्रह करती कि बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अवसर दें। वरिष्ठ पत्रकार भोपाल भारती ने कहा कि आज जो हम सभी भाई राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले की जयंती मना रहे हैं उनके पीछे भी एक आदर्श पुरुष का सहयोग रहा है वो सहयोग राष्ट्रपिता ज्योति राव फूले को है। अगर ज्योति राव फूले का सहयोग नहीं मिला होता तो शायद ही माता सावित्रीबाई फूले लडकियों की शिक्षा के अधिकार की लड़ाई लडती। आज 193 वर्ष बाद भी याद नहीं किया जाता। आज हम सभी भाई यह संकल्प लें कि हर घर की बेटी शिक्षित हो। डाक्टर भीमराव आंबेडकर की देन संविधान है जो समाज में हरेक व्यक्ति को पूरी स्वतंत्रता से जीवन यापन का अधिकार देता है। एक समय था जब समाज में छुआछूत की भावना थी। असमानता थी जो संविधान के माध्यम से दूर हुई। जो सपना पूर्व मुख्यमंत्री श्री कर्पूरी ठाकुर जी ने देखा था जिसे वर्तमान सरकारें लागू कर रही है।
इस कार्यक्रम में रेखा कुमारी, गुड़िया कुमारी पूर्व मुखिया, मीनू कुशवाहा, प्रमिला देवी सेविका, कुमारी प्रियंका रानी शिक्षिका, करुणा यादव शिक्षिका, सुनैना देवी मुखिया, रानी कुमारी संरपच आंनद पुर खरौनी, गीता सहनी समाज सेवी, रघुनाथ यादव शिक्षक, वीर बहादुर सहनी, बच्ची देवी पंचायत समिति, राजधारी राम, पुजा सहनी, जलंधर राम, रामनाथ पासवान, महेश ठाकुर चकोर कवि, अजीत कुमार राम, साहिन्द्र माझी, राम सूरत राम, शैलेश राम शिक्षक, किशोर संजय शिक्षक,सकल देव राम राजेन्द्र राम, राजेश्वर यादव, बंसत कुशवाहा, बी पी अखिलेश जेता कुमार शिक्षक, गोविन्द चौधरी शिक्षक, श्याम नाथ राय, कासीम अंसारी, वैद्यनाथ विधार्थी, विनय कुमार राम, के साथ अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक राजेंद्र राम और मंच संचालन पूर्व जिला पार्षद मदन प्रसाद ने किया। राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले पुस्तकालय के सचिव फूलदेव पटेल ने कार्यक्रम का संयोजन किया।



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