आरा मिलों से प्रदूषण लाइसेंस की अनिवार्यता हटाने की मांग, सरकार को लिखा पत्र

Hot Posts

6/recent/ticker-posts

आरा मिलों से प्रदूषण लाइसेंस की अनिवार्यता हटाने की मांग, सरकार को लिखा पत्र

Report 

डॉ. विश्वकर्मा

मुजफ्फरपुर। विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेम नारायण विश्वकर्मा ने बिहार सरकार से आरा मिलों के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस अनिवार्य किए जाने संबंधी प्रावधान को हटाने की मांग की है।इस संबंध में उन्होंने आज बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

आरा मिलों से प्रदूषण लाइसेंस की अनिवार्यता हटाने की मांग, सरकार को लिखा पत्र

पत्र में उन्होंने कहा है कि बिहार काष्ठ आधारित उद्योग (स्थापना एवं विनियमन) नियमावली, 2025 की कंडिका-17 के तहत आरा मिल संचालकों से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस लेकर आवेदन के साथ जमा करने को कहा जा रहा है। इससे राज्य के हजारों छोटे और मध्यम आरा मिल संचालकों के सामने परेशानी उत्पन्न हो रही है। डॉ. विश्वकर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि आरा मिलों में मुख्य रूप से लकड़ी की चिराई का काम होता है। 

इसमें हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। लकड़ी की चिराई से निकलने वाला बुरादा और छिलका भी विभिन्न कार्यों में उपयोग किया जाता है। ऐसे में प्रदूषण लाइसेंस की अनिवार्यता से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त कागजी और आर्थिक बोझ बढ़ेगा।उन्होंने सरकार से इस प्रावधान पर पुनर्विचार कर आरा मिलों के लिए प्रदूषण लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे आरा मिल व्यवसाय से जुड़े छोटे कारोबारियों और उन पर आश्रित परिवारों को राहत मिलेगी।

Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Ad Code