सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षित जीवन की दी जानकारी

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सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षित जीवन की दी जानकारी

रिपोर्ट : फूलदेव पटेल

मुजफ्फरपुर। पारू प्रखंड में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुजफ्फरपुर के आदेशानुसार सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित जीवन, बाल अधिकार, बाल विवाह तथा बच्चों को लैंगिक शोषण से बचाने संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षित जीवन की दी जानकारी

राजकीय कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, खेटाही में आयोजित कार्यक्रम में करीब 360 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या असुरक्षित परिस्थिति की जानकारी अभिभावक, शिक्षक या संबंधित प्राधिकरण को देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार, शिक्षक रवि कुमार कुणाल, मनीष कुमार, शांत कुमार एवं द्रव्यांश कुमार, शिक्षिका मोनाली नरेंद्र शेखर एवं कुमारी प्रिया सहित अन्य शिक्षक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

इसी क्रम में राजकीय कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, पारू में भी सुरक्षित बचपन एवं सुरक्षित जीवन अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेन्द्र शर्मा के साथ शिक्षक असरफ हुसैन, राज किशोर राम, सज्जाद हुसैन एवं विशाल कुमार तथा शिक्षिकाएं गुड़िया कुमारी, सोनम कुमारी एवं चंदा प्रवीण सहित अन्य शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे।

वहीं प्रतिभा सागर स्कूल, गोखुला में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि बच्चों को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विभिन्न कौशलों पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। समाज में मौजूद बाल विवाह, कम उम्र में रिश्तों और अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति बच्चों को जागरूक करते हुए उन्हें अपने बचपन और शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षित जीवन की दी जानकारी

कार्यक्रम में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक अपराध, यौन उत्पीड़न तथा अन्य प्रकार के शोषण से कानूनी संरक्षण प्राप्त है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी असहज स्पर्श या गलत व्यवहार के बारे में चुप न रहें और भरोसेमंद व्यक्ति से इसकी जानकारी साझा करें।

बाल विवाह के संबंध में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया तथा बताया गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे कानून की जानकारी रखें और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से स्वयं को बचाने के साथ दूसरों को भी जागरूक करें।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को “मेरा शरीर मेरा है, इसे कौन छू सकता है, यह मैं तय कर सकती/सकता हूं” जैसे संदेश के माध्यम से व्यक्तिगत सुरक्षा और अच्छे-बुरे स्पर्श के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए सजग रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन फूलदेव पटेल द्वारा किया गया।


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